
। इससे पहले भीड़ जुटाने के लिए सरकारों का फोकस आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मनरेगा श्रमिकों पर रहता था। सीएस ऑफिस से कलेक्टरों को ब्रेकअप दिया गया है। लाभान्वितों का नाम, नंबर और भामाशाह कार्ड संबंधी जानकारी भी देने के लिए कलेक्टरों को जिम्मेदारी है। इनमें वाहनों के लिए योजना के अनुसार अलग कोड और कलर भी सुनिश्चित कर दिया गया है। भास्कर के पास वह दस्तावेज है, जो मुख्य सचिव कार्यालय से कलेक्टरों के लिए जारी किया गया है।
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